(PMSYM) प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के बारे में इस पोस्ट में हम विस्तार से चर्चा करेंगे. हम पूरी जिंदगी काम करते हैं. हर रोज की भागदौड़ में अपनी मेहनत से अपने भविष्य को बनाते हैं. अनेक कठिनाइयों से लड़कर मेहनत और लगन से धन संपत्ति कमाते हैं. ताकि हमारा भविष्य अच्छा रहें. हम अपने काम के द्वारा पैसे इसलिए कमाते हैं, की जब हम बुढ़ापे में पैसे कमाने के लिए असमर्थ हो तब यह पैसे हमें उस वक्त काम आए.
भारत में ऐसे कई लाखों लोग हैं. जो गरीबी से गुजर रहे हैं. उसके लिए उनके भविष्य के लिए पैसे बचाना मुमकिन ही नहीं होता हैं. उनके आज के काम के बदले मिलने वाली राशि से वह सिर्फ आज का खाना खा सकते हैं. असंगठित क्षेत्र के लोग भी ऐसी समस्या से घिरे रहते हैं. भारत में एक बड़ी आबादी है जो श्रमिक का काम करके अपना जीवन यापन करती हैं. 60 वर्ष की आयु तक यह श्रमिक रोजाना कमाई करके अपने खर्च निकाल लेते हैं, लेकिन 60 वर्ष की आयु के बाद बुढ़ापे में उनसे यह काम नहीं हो पाता हैं.
लोग अपने बुढ़ापे के लिए कई तरह की तैयारियां करते हैं, जिनमें से सबसे अहम हैं, बचत करना. लेकिन श्रमिक अपने भविष्य के लिए बचत नहीं कर पाते हैं. इसीलिए समाज के सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार कई तरह की योजनाएँ चलाते हैं. जिससे हर वर्ग के लोगों को लाभ मिल सकें और उनके आर्थिक समस्या का समाधान हो सके. ऐसी ही एक योजना हैं प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना. आज के इस लेख में हम प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के बारे में विस्तार से समझेंगे.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना क्या हैं?
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की आर्थिक रूप से सहायता करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM) की शुरु वात 1 फ़रवरी 2019 में की गयी थी. देश में असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाले श्रमिक नागरिकों की संख्या 42 करोड़ से अधिक हैं. इसमें सब्जी वाले, चाय वाले, ड्राइवर, रिक्शा चालक, मोची, दर्जी, मजदूर, घरों में काम करने वाले, भट्टा कर्म कार, दिहाड़ी मजदूर आदि लोग शामिल हैं. इन्हें घंटे के हिसाब से पैसे मिलते हैं, जिसके मुताबिक यह अपना जीवन यापन करते हैं. ऐसे श्रमिक श्रेणी के नागरिकों को बुढ़ापे में सुखमय जीवन व्यतीत करने में सहायता प्रदान करने हेतु इस योजना की शुरु वात की गयी हैं. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना हैं. इस योजना द्वारा 60 वर्ष की आयु पूरी करने के पश्चात प्रति माह 3000 रुपयों की सुनिश्चित पेंशन राशि प्राप्त होती हैं.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का लाभ उठाने के लिए आपको हर महीने कुछ पैसे जमा करने होते हैं. यह राशि 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक हो सकती हैं. अलग-अलग राशि के हिसाब से अलग-अलग शर्तें लागू होते हैं. यदि किसी कारणवश ग्राहक का देहांत हो जाता है, तो योजना के अंतर्गत 50% धनराशि लाभार्थी नागरिक की पत्नी को पेंशन के रूप में प्रदान की जाती हैं. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के माध्यम से आप प्रतिदिन के हिसाब से 1.80 पैसे की बचत कर प्रति माह 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक का अंशदान जमा कर सकते हैं. आपके द्वारा जमा की गयी धनराशि के आधार पर लाभार्थियों को 36,000 रुपये वार्षिक पेंशन राशि इस योजना के माध्यम से प्राप्त होती हैं. सरकारी कर्मचारी ,कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS)और राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ESIC) के सदस्य इस योजना का फायदा नहीं उठा सकते हैं.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का उद्देश्य ?
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में सहारा देना हैं. असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को 60 साल की आयु के बाद हर महीने 3,000 रुपए तक की पेंशन उपलब्ध कराना हैं. जिससे इस योजना के ज़रिये मिलने वाली धनराशि के द्वारा लाभार्थी बुढ़ापे में अपना जीवन यापन कर सके तथा अपनी आर्थिक ज़रूरतों को पूरा कर सके. भारत सरकार द्वारा इस योजना का संचालन श्रमिक नागरिकों को वृद्धावस्था जीवन में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना प्रदान करने के उद्देश्य से किया जाता हैं. इस धन राशि का उपयोग कर लाभार्थी अपने वृद्धावस्था में अपने खाने, दवाई और जीवन के लिए आवश्यक आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकता हैं.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का लाभ किसे मिल सकता हैं?
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना यह असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में सहारा देने के लिए चलाई जाती हैं. इसमें दिहाड़ी मजदूर, पटरी पर दुकान चलाने वाले, चाय बेचने वाले, रिक्शा चालक, ठेला चलाने वाले, छोटे किसान, भूमि हीन खेती के मजदूर, मछुआरे, पशु पालक, घरों में काम करने वाले, सफाई कर्मी,सब्जी वाले, ड्राइवर, रिक्शा चालक, मोची, दर्जी, मजदूर, भट्टा कर्म कार आदि अभी श्रेणी के मजदूर शामिल हैं. 18 से 40 साल तक के लोग इस योजना से जुड़ सकते हैं जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से कम हैं. साथ ही उन मजदूरों की आय में किसी भी प्रकार से ईपीएफओ, एनपीएस आदि का कोई कवर नहीं होना चाहिए. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए बचत खाता होना आवश्यक हैं.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के फायदे
- प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन 3000/- रुपये प्रति माह मिलती हैं.
- अगर आवेदक की 60 वर्ष की आयु से पहले मृत्यु हो जाती है, तो पति/पत्नी योजना जारी रखने और 50 प्रति शत राशि प्राप्त करने के हकदार होते हैं.
- अगर 10 वर्ष से कम अवधि के भीतर योजना से बाहर निकलना चाहते हैं, तो लाभार्थी के अंशदान का केवल हिस्सा बचत बैंक ब्याज दर के साथ उसे वापस कर दिया जाता हैं.
- अगर 10 वर्ष या उससे अधिक की अवधि के बाद लेकिन 60 वर्ष की आयु से पहले बाहर निकलना चाहते हैं, तो लाभार्थी के योगदान का हिस्सा संचित ब्याज के साथ या बचत बैंक ब्याज दर इनमें से जो भी अधिक हो, उस हिसाब से दिया जाता हैं.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की विशेषताएँ
- न्यूनतम निश्चित पेंशन – प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना द्वारा आवेदक को न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन 3000/- रुपये प्रति माह मिलती हैं.
- परिवार को पेंशन – यदि पेंशन प्राप्ति के दौरान आवेदक की मृत्यु हो जाती है तो लाभार्थी को मिलने वाली पेंशन की 50 प्रति शत राशि परिवार पेंशन के रूप में लाभार्थी के जीवनसाथी मिलती हैं.
- आवेदक द्वारा अंशदान- प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए आवेदक का अंशदान उसके बचत बैंक खाते से या जन धन बैंक खाते खाते से ‘ऑटो डेबिट’ (auto-debit) सुविधा के माध्यम से किया जाता हैं. योजना में शामिल होने की आयु से लेकर 60 वर्ष की आयु तक आवेदक को निर्धारित अंशदान राशि देनी होती हैं.
- केंद्र सरकार द्वारा बराबर का अंशदान – प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना 50:50 के अनुपात के आधार पर एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना हैं, जिसमें निर्धारित आयु तक का अंशदान लाभार्थी द्वारा किया जाता हैं और उसके अनुसार बराबर का अंशदान केंद्र सरकार द्वारा किया जाता हैं.
- Enrollment Agencies – प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में नामांकन का कार्य सामुदायिक सेवा केंद्रों (CSCs) द्वारा किया जाता हैं.
- सहायता केंद्र – भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation-LIC) के सभी शाखा कार्यालयों, ESIC/EPFO के कार्यालयों, केंद्र और राज्य सरकारों के सभी श्रम कार्यालयों द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए सहायता प्रदान की जाती हैं.
- Fund Management – प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का संचालन श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा और भारतीय जीवन बीमा निगम और CSC द्वारा किया जाता हैं.
- अंशदान में चूक – यदि आवेदक ने किसी माह में अपने अंशदान का भुगतान नहीं किया है तो उसे सरकार द्वारा निर्धारित दंड राशि के साथ पूरी बकाया राशि का भुगतान करके अंशदान को नियमित करने की सुविधा उपलब्ध हैं.
- निर्धारित ब्याज दर – भारतीय बीमा विनियम और विकास प्राधिकरण के द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के ब्याज दर निर्धारित किए जाते हैं.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के लिए पात्रता
- आवेदक असंगठित क्षेत्रों का कामगार श्रमिक होना अनिवार्य हैं.
- आवेदक की मासिक आय 15000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
- आवेदक की आयु 18 साल से 40 साल तक होनी चाहिए.
- आवेदक EPFO, NPS और ESIC के अंतर्गत कवर नहीं होना चाहिए.
- आवेदक के पास आधार कार्ड और सेविंग बैंक खाता या जन धन बैंक खाता होना अनिवार्य हैं.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
- बैंक खाता पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पता प्रमाण
- मोबाइल नंबर
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं.
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया –
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया विभिन्न नामांकन एजेंसियों द्वारा की जाती हैं, जिन्हें सामान्य सेवा केंद्र यानी Common Service Centre कहाँ जाता हैं. साथ ही जीवन बीमा निगम, ईएसआईसी/ईपीएफओ और केंद्र और राज्य सरकारों के सभी श्रम कार्यालयों में जाकर आप प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया –
- ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको www.maandhan.in इस आधिकारिक वेबसाइट पर जाना हैं.
- होम पेज पर आपको PM-SYM के विकल्प को चुनना हैं.
- अब आपको PM-SYM का फॉर्म उपलब्ध होगा।
- फॉर्म में आपकी जानकारी दर्ज करनी हैं.
- अब आपको आवश्यक दस्तावेजों को फॉर्म के साथ जोड़ लेना हैं.
- अब आपको सबमिट इस विकल्प को चुनना हैं.
- अब आपके आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP मिलेगा.
- OTP को फॉर्म में दर्ज करें.
- आपके जानकारी की जाँच के बाद आपका आवेदन स्वीकृत किया जाता हैं.
इस तरह से ऑनलाइन आप प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.
देश में असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाले श्रमिक नागरिकों की संख्या 42 करोड़ से अधिक हैं. ऐसे श्रमिक श्रेणी के नागरिकों को बुढ़ापे में सुखमय जीवन व्यतीत करने में सहायता प्रदान करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM) शुरू की गयी हैं. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एक स्वैच्छिक और देश में असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाले श्रमिक नागरिकों की संख्या 42 करोड़ से अधिक हैं. ऐसे श्रमिक श्रेणी के नागरिकों को बुढ़ापे में सुखमय जीवन व्यतीत करने में सहायता प्रदान करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM) शुरू की गयी हैं.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना हैं. इस धन राशि का उपयोग लाभार्थी अपने वृद्धावस्था में अपने खाने, दवाई और जीवन के लिए आवश्यक आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए सकता हैं. असंगठित क्षेत्रों के कामगारों और श्रमिकों के भविष्य के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना अत्यंत लाभदायक साबित होती हैं.
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