आज के इस आधुनिक युग में टेक्नोलॉजी में हर रोज वृद्धि हो रही हैं. मोबाइल फ़ोन हमारे रोजमर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन गया हैं, इसीलिए हम आजकल जब भी घर के बाहर कदम रखते हैं. हमारे पास कॅश या पैसे नहीं होते. लेकिन हमारा मोबाइल हमेशा साथ होता हैं. इसका एक सबसे बड़ा कारण हैं यूपीआई (UPI). यूपीआई एक ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा हैं. जिससे हम अपने पास कॅश ना रखते हुए भी आसानी से अपने लेनदेन कर सकते हैं. इस लेख में हम (UPI) यूपीआई क्या है ? (UPI) यूपीआई कैसे काम करता हैं ? और यूपीआई से जुडी सारी जानकारी जानेंगे.
ऑनलाइन पेमेंट ये आज के समय कि सबसे अहम जरूरत बन गयी हैं. ऑनलाइन शॉपिंग, रिचार्ज, लाइट बिल, टीवी का रिचार्ज इसके साथ ही हर रोज के आर्थिक लेनदेन. अब मोबाइल के एक क्लीक के साथ आसानी से हो सकते हैं और इसके लिए यूपीआई (UPI) हमारी मदद करता हैं. आज गाँव से लेकर शहरों तक, छोटी बड़ी बस्ती से लेकर हिमालय की पहाड़ों के कस्बों तक सारे आर्थिक लेनदेन हम यूपीआई (UPI) के जरिये चुटकियों में कर सकते हैं.
(UPI) यूपीआई की जरूरत क्यूँ हैं ?
(UPI) यूपीआई क्या है ? इससे पहले यूपीआई की जरुरत क्या है ? यह जानना उतनाही जरुरी है. कई साल पहले आर्थिक लेनदेन के लिए बैंक में जाना पड़ता था. ये एक जटिल काम हुआ करता था साथ ही इसमें बहुत समय बर्बाद होता था. इसलिए आर्थिक लेनदेनों के लिए कई नए तरीके अपनाये गए. नेट बैंकिंग जैसी सुविधाएँ इंटरनेट पर आर्थिक लेनदेन को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए लायी गई. लेकिन कई सालों तक इस सुविधा का प्रयोग खासकर शहरों में होता रहा. ग्रामीण या गाँव के नागरिकों के लिए ये सुविधा इतनी कारगर साबित नहीं हुई थी इसका प्रमुख कारण था इंटरनेट, बैंकिंग का अधुरा ज्ञान और संसाधनों की उपलब्धता.
टेक्नोलॉजी के प्रगति के साथ साथ आर्थिक लेनदेन भी आसान होने लगे और इसी लिए अप्रैल 2016 में नेशनल पेमेंट्स कार्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) और भारतीय रिझर्व बैंक (RBI) द्वारा (UPI) यूपीआई जैसे आसान तरीके का निर्माण हुआ. यूपीआई हर दिन बिना किसी छुट्टी के आपको आर्थिक लेनदेन करने की सुविधा देता है. इसके लिए आपके मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल किया जाता हैं. अगर आप कुछ खरीदने के लिए किसी दुकान पर गए या आपको किसी को उनके बैंक खाते पर पैसे भेजने हैं, तो नेट बैंकिंग के जरिये आपको सबसे पहले उस व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारी लेनी होगी, उस जानकारी को अपने बैंक खाते में beneficiary के रूप में जोड़ना पड़ता हैं इसके लिए समय लगता हैं.
इन समस्याओं का हल हैं यूपीआई
प्लास्टिक मनी जैसे क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते वक्त आपके पिन की सुरक्षा अहम् होती हैं. मोबाइल वालेट से पमेंट करने के लिए वॉलेट में पैसे ट्रांसफर करने पड़ते हैं. इन सारी समस्याओं का हल हैं यूपीआई. इसके जरिये सीधे आपके बैंक खाते से सिर्फ कुछ सेकंड्स में लेनदेन किया जाता हैं जिससे आपका समय तो बचता ही हैं साथ ही ये आर्थिक लेनदेन का सबसे आसान तरीका हैं.

(UPI) यूपीआई क्या है ? यूपीआई कैसे काम करता है ?
(Unified Payments Interface) यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस को ही संक्षिप्त में यूपीआई कहा जाता हैं. ये सुविधा आय एम् पी एस (IMPS) इस तकनीक पर आधारित हैं. आय एम् पी एस इस तकनीक के जरिये एक व्यक्ति के बैंक खाते से दुसरे व्यक्ति के बैंक खाते में पैसों की लेनदेन करना कुछ सेकंड्स का और सबसे आसान काम बन गया हैं. आजकल बहुत सारे पेमेंट ऐप्स बाजार में उपलब्ध हैं. गूगल पे, फ़ोन पे, भीम यूपीआई, अमेझोन पे, पेटीएम आदी ऐप्स में से किसी भी ऐप को आप डाउनलोड कर के यूपीआई आयडी बना सकते हैं और अपने आर्थिक लेनदेन कर सकते हैं.
(UPI) यूपीआई कैसे काम करता हैं ?

यूपीआईयूपीआई आयडी ये एक अक्षरों का समूह होता हैं, आपकी पसंद का या आपके जरुरत अनुसार अक्षरों का समूह आप यूपीआई आयडी के रूप में चुन सकते हैं. इस यूपीआई आयडी का इस्तेमाल आर्थिक लेनदेन करने के लिए किया जाता हैं. यूपीआई सुविधा से आप अपने सभी बैंक खातों को एक ही ऐप में इस्तेमाल कर सकते हैं. यूपीआई से लेनदेन करते समय बैंक खाते के नंबर, आय एफ एस सी (IFSC) कोड की जरुरत नहीं होती.
यूपीआई के जरिये केवल एक छोटे से यूजर नेम से किसी को भी पैसे भेजना या स्वीकारना संभव हैं, इस यूजर नेम को VPA याने व्हर्चुअल पेमेंट अड्रेस भी कहते हैं. VPA बैंक द्वारा संचालित किया गया पेमेंट अड्रेस होता हैं इसलिए इसमें फ्रॉड या कोई आर्थिक धोखाधड़ी की सम्भावना कम होती हैं. पैसो की लेनदेन के लिए आपको बस मोबाइल नंबर को प्रोसेस कर के पेमेंट करना हैं जिसके बाद आपके खाते में पैसा आ जाता हैं. यूपीआई ऐप में अपने बैंक खाते को जोड़ने से तथा एटीएम की जानकारी भरने से आप का यूपीआई आयडी निर्माण होता हैं जिससे आप तुरंत इसका उपयोग अपने आर्थिक लेनदेन के लिए कर सकते हैं.
यूपीआई का इस्तेमाल कैसे करें ?
यूपीआई का उपयोग आप 2 तरीकों से कर सकते हैं.
- मोबाइल ऐप (ऑनलाइन तरीका)
- USSD (ऑफलाइन तरीका)
पहले हम ऑनलाइन तरीका समझते हैं.
(UPI) यूपीआई आयडी कैसे बनाये ?
- यूपीआई आयडी बनाने के लिए सबसे पहले अपने मोबाइल नंबर को अपने बैंक खाते से रजिस्टर करना होगा.
- इसके बाद आप जिस यूपीआई ऐप का इस्तेमाल करना चाहते हैं उसे डाउनलोड कर ले.
- यूपीआई ऐप में अपने बैंक खाते से रजिस्टर किये गए मोबाइल नंबर को दर्ज करें.
- मोबाइल नंबर वेरीफाई होने के बाद ऐप में आपकी प्रोफाइल का निर्माण होता हैं.
- इसके बाद एड अकाउंट इस विकल्प के जरिये आपको आपके बैंक खाते की जानकारी दर्ज करनी होगी.
- इसके बाद वर्चुअल आयडी के विकल्प के ज़रिये आप अपना यूपीआई आयडी बना सकते हैं.
- अपना पिन सेट करने के लिए आपके डेबिट कार्ड की जानकारी दर्ज करनी होगी.
- पिन जनरेट होने के बाद आपको SMS के जरिये इसकी जानकारी मिलती हैं.
- अब आप यूपीआई ऐप का उपयोग अपने आर्थिक लेनदेन के लिए कर सकते हैं.
USSD (ऑफलाइन तरीका)
USSD का पूरा नाम हैं Unstructured Supplementary Service Data.
भारतीय रिझर्व बैंक द्वारा सभी बैंक खाता धारकों के लिए एक ही नंबर दिया गया हैं.
*99# इस नंबर के जरिये आप तीन तरीकों से आर्थिक लेनदेन कर सकते हैं.
- MMID द्वारा – इस तरीके में जिस व्यक्ति को आपको पैसे भेजने हैं उसका MMID और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती हैं.
- बैंक खाता द्वारा- इस तरीके में आपको भुगतान के लिए दुसरे व्यक्ति के बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की आवश्यकता होती हैं.
- आधार द्वारा- अगर आपका आधार कार्ड आपके बैंक से जोड़ा गया हैं तो आप इस विकल्प का उपयोग कर सकते हैं.
हालाँकि USSD के जरिये व्यवहार यूपीआई ऐप जितना आसान नहीं हैं, लेकिन ये सुविधा सस्ते साधारण फ़ोन से लेकर स्मार्ट फ़ोन तक सब में उपलब्ध होती हैं. साथ ही इसकी सबसे बड़ी विशेषता ऑफलाइन की हैं, ये सुविधा इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट की जरुरत नहीं होती.
(UPI) यूपीआई द्वारा आर्थिक व्यवहारों की सीमा ?
भारतीय रिझर्व बैंक द्वारा यूपीआई के जरिये किये जाने वाले आर्थिक लेनदेन की सीमा तय की गई हैं. इस के तहत यूपीआई में प्रतिदिन आर्थिक लेनदेन की मर्यादा 1 लाख तक हैं और ये लेनदेन आप सिर्फ भारत में ही कर सकते हैं. इसमें बैंक द्वारा आपको 20 Transactions करने की सुविधा दी जाती हैं. इन 20 Transactions में ही आप 1 लाख तक का भुगतान कर सकते हैं. यदि आप पहले ही Transaction में 1 लाख का भुगतान करते हैं तो अगला Transaction असफल होगा. और यदि आपके दिन के 20 Transactions पुरे हो चुके हैं तो 21 वा Transaction असफल होता हैं.
(UPI) यूपीआई में QR कोड क्या होता हैं ?
हर एक यूपीआई ऐप में QR कोड होता हैं. QR का मतलब Quick Response हैं. जब हम QR कोड के जरिये स्कैन कर के पेमेंट करते हैं तब हमें दुसरे व्यक्ति के मोबाइल नंबर या यूपीआई आयडी की जरुरत नहीं होती. QR कोड़ के जरिये स्कैन करके हम तुरंत पैसे भेज सकते हैं. QR कोड आप अपने दुकान या बिसनेस की जगह पर प्रिंट कर के लगा सकते हैं. जिससे ग्राहकों को पैसे भेजने की आसानी होती हैं.
(UPI ATM) यूपीआई एटीएम क्या है ?
UPI ATM ये एक नई सुविधा हैं. जिसका प्रयोग कॅश निकालने के लिए किया जाता हैं. ये सुविधा हाल ही में नेशनल पेमेंट्स कार्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) द्वारा भारत में लॉन्च की गयी हैं. ये साधारण एटीएम मशीन जैसा ही काम करता हैं सिर्फ इस सुविधा के लिए डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जरुरत नहीं होती. आप सिर्फ QR कोड स्कैन करके भी अपने बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं.
संक्षेप
तो हमने इस लेख में समझा है. (UPI) यूपीआई क्या है ? यूपीआई कैसे काम करता हैं ? सभी आर्थिक लेनदेन करने के लिए सबसे आसान तरीका हैं यूपीआई (UPI). यूपीआई द्वारा लेनदेन के लिए स्मार्ट फ़ोन और इंटरनेट की जरुरत होती हैं. मोबाइल आज कल हर किसी के ज़िंदगी का अहम् हिस्सा हो चूका हैं इसलिए कॅश या इंटरनेट बैंकिंग के जरिये लेन देन करने से बेहतर विकल्प यूपीआई हैं. इसमें आर्थिक धोखाधड़ी, वित्तीय सुरक्षा और नकद राशी की चोरी या खो जाना जैसे समस्याओं से छुटकारा मिलता हैं. इसीलिए आजकल सबसे ज्यादा आर्थिक लेनदेन यूपीआई (UPI) द्वारा ही किए जाते हैं.


